‘‘सच्चाई-निर्भिकता, प्रेम-विनम्रता, विरोध-दबंगता, खुशी-दिल
से और विचार-स्वतंत्र अभिव्यक्त होने पर ही प्रभावी होते है’’
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आज का युवा और उसका सपनो का संसार

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आज का युवा वर्ग काफी रचनात्मक और उत्साह से भरा हुआ है कभी २ वो विध्वंसकारी और अवसादग्रस्त भी हो जाता है ! वो देश में अपनेआप को स्थापित करने के लिए अपने लिए जगह तलाश कर रहा है पर मिडिया हर मोड़ पर उसे दिशाहीन बना दे रही है ! घर और बहार की दुनिया में जब वो काफी अंतर देखता है तो कोई भी निर्णय लेने में असमर्थ हो जाता है ! देश के नेताओ का भ्रष्टाचार में लिपत होना मिडिया के इतने प्रचार के बावजूद भी उनपर किसी प्रकार की कारवाही न होना , आतंकवाद का ख़तम न हो पाना ! कश्मीर में शहीद  होने वाले शहीदों की कवर स्टोरी न बनाने की जगह फ़िल्मी हस्तियों की कवर स्टोरी बनाना ये सब उसे अपने आपसे यह पूछने पर मजबूर कर देते हैं की आखिर वो किसे अपना हीरो माने ! अपने दिल में वो बहुत से सपने लेकर चलता है की उसे लेकर वो उन उचइयो  को छु सके जिनके वो सपने देखता है !
                                       कितना सरल सा शब्द है ये सपना  ? लेकिन सही मायनो में ये अपने आप में बहुत बड़ा स्थान रखता है इसका सम्बन्ध मानव से एसे जुड़ा है जिसके बिना वो अधुरा सा हो जाता है ! सपनो के बिना तो उसका सफ़र आगे बढ ही नहीं सकता हर इन्सान सपने देखता है उनमे से कुच्छ तो हम पुरे कर देते हैं और कुच्छ सपने ही रह जाते हैं ! हर सपना उसे इन्सान के लक्ष्य की और आगे बड़ने में सहायता करता है उसे होंसला देता है और हम उन उन्चियो को छु लेते हैं जहां तक पहुँचने का हम सोचते भी नहीं हैं सपने दो तरह के होते है एक जो हम बंद आँखों से देखते हैं और एक वो जो हम खुली आँखों से देखते हैं खुली आँखों से देखे हुए सपनो का हमारे जीवन से गहरा तालुख होता है !
                                                                आज का युवावर्ग तरल सतह पर टिके सपने देखती है क्षितिज के पार अनजाने भविष्य के सपने ! आज के युवावर्ग में इतना जोश है की वह सिर्फ सपना देखती ही नहीं उसे पूरा करने के लिए वो कुच्छ भी कर  गुजरने को तैयार होती है उसके अन्दर इतना जोश है की उसे आगे बड़ने के बाद रोकना नामुमकिन है जरूरत है तो सिर्फ उसे सही राह में बड़ने की दिशा दिखाने की जिससे वो अपने सपनो को सही दिशा दिखा सके ! सपने रंगों की तरह होते हैं" संसार सपनो का केनवास" बस मन में विश्वास ले कर उसे अपने रंगों से भरते जाना है ! अगर हम कल्पना नहीं करेंगे तो उसे हासिल केसे कर पाएंगे , सपने देखना खुशहाल जीवन को आगे बड़ाने की सीडी जेसा है ! अक्सर लोग सपने दीखने वालो पर पहले हँसते हैं पर जब उसे पूरा होने पर ये शब्द कहना की ये मेरा" बचपन का सपना" था तो सपनो की महता पर यकीं करवा  ही देता है !
              जीवन में सबसे पहले कुच्छ पाने की चाह मन में उठती है उसे पूरा करने के लिए लगन परिश्रम और द्रिड निश्चय का होना बहुत जरुरी है ! यही सब हमे सपनो को साकार करने में मदद  करती है ! जयादातर सफल लोग इसी राह में चल कर आगे बड़ते हैं . उनके अलग डंग से सोचने और कुछ कर गुजरने की चाह ही उसे उन बुलादियो तक ले जाती है ! एक स्थान में बैठ कर खाली सपने देखने से कुच्छ हासिल नहीं होता उसे पाने के लिए मेहनत करना बहुत जरुरी  है  एसा सपना तो पानी के बुलबुले के समान होता है जो कुछ ही देर में ख़तम हो जाता है ! सपना देखो तो नदी के बहाव की तरह उस अंजाम तक पहुचो ! जब वो अपने जगह से शुरू होती है तो बहुत छोटे से स्थान से निकलती है और चलते २ उसका विस्तार बढता चला जाता है ! सपने भी हमारे जीवन की एसी ही मजबूत कड़ी है जो सब कुच्छ बदलने की ताक़त रखती है अगर जरुरत है तो सिर्फ सही दिशा और हिमत करने की !
                       "  आँखों में सपने मन में बंधन और आसमान में उड़ने की चाह " यही है युवावस्था ! युवा सपने गरम लहू के समान होते हैं ,वे देश की धमनियों और शिराओ में दोड़ते हुए उसे भीतर ही भीतर बदल डालने की क्षमता रखते हैं ! दुनिया की हर क्रांति  से पहले बेहतेर भविष्य की कल्पना ही लोगो के शारीर में गतिमान होते रहे होंगे ! क्रांतिकारियों और रचनात्मक सपनो में फरक सिर्फ इतना है की क्रांतिया गर्जना करती है और रचनात्मक सपने देश में बहुत धीरे से बदलाव लाती है ! युवा मन के सपने बसंत की तरह होते हैं जो दबे पाव आता है और देश के भविष्य को बदल डालता है और सारा देश नई तकनीक नई समृधि और विकास के रंगों में रंग जाता है !युवा सवपन देश को अहिंसक डंग से बदले का मादा रखता है जरुरत है सुकरात जेसे एक एसे अच्छे मरगदर्शक की जो उन्हें सही राह दीखा सके जो उनके विचारो को सही दिशा  दे सके क्युकी  मानव मन तो बंजर भूमि की तरह है उसमे जेसा बीज हम बोयेंगे वेसा ही प्राप्त करेंगे ! आज देश में एसे ही लोगो की जरुरत है जो नई प्रतिभाओ को  सही राह में लेजाने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर सके !
                                         आजका नोजवान एक सक्षम देश बनाने का सपना देखता है दरअसल हमारी युवा पीडी महज सपने देखती नहीं बल्कि रोज यथार्थ से लडती है उसके सामने भ्रष्टाचार , आरक्षण का बिगड़ता सवरूप और महंगी होती शिक्षा जेसी ढेरो समास्याए  हैं इस चुनोती से भरी दुनिया में उसे अपने को स्थापित करने के लिए संकल्प के साथ आगे बढना है और अपने भविष्य को सवारना हैं क्युकी हर आने वाला  वक़्त अपने साथ चुनोतिया ले कर चला है कभी युद्ध तो कभी प्राक्रतिक आपदाए लेकिन केसा भी समय क्यु न आ जाये हमारे भीतर के सपनो को हमसे कोई नहीं झिन सकता ___ मै धरती मै पैदा होने वाले हर इन्सान को परणाम करती हु क्युकी हर इन्सान मै बरगद के पेड़ बनने की क्षमता नज़र आती है ! जो अपने सपनो के दवारा कभी भी साकार कर सकता है !                                

15 Responses so far.

  1. अति सुन्दर
    अपनी ढेरों शुभकामनाओ के साथ
    shashi kant singh
    www.shashiksrm.blogspot.com

  2. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
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    कृपया अपने ब्लॉग से वर्ड वैरिफ़िकेशन को हटा देवे इससे लोगों को टिप्पणी देने में दिक्कत आती है।

  3. एक सकारात्मक, उत्साहवर्धक और यथार्थ के करीब आलेख के भाव अच्छे लगे मीनाक्षी जी। हाँ वर्तनी में कुछ सुधार की जरूरत है। कभी की लिखी हुई ये पंक्तियाँ याद आयी-

    हौसला टूटे कभी न स्वप्न भी देखो नया
    जिन्दगी है इक हकीकत जिन्दगानी और है

    सादर
    श्यामल सुमन
    www.manoramsuman.blogspot.com

  4. "हर इन्सान मै बरगद के पेड़ बनने की क्षमता नज़र आती है! जो अपने सपनो के दवारा कभी भी साकार कर सकता है!"
    प्रेरक सन्देश

  5. बहुत बढ़िया प्रेरणादायक आलेख..

  6. good. keep writing like this.

  7. good quality writing ! pl keep going...

  8. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

    किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी,
    हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

    ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,
    संस्‍कृतम्-भारतस्‍य जीवनम् पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने
    सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के
    प्रसार में अपना योगदान दें ।
    यदि आप संस्‍कृत में लिख सकते हैं तो आपको इस ब्‍लाग पर लेखन के लिये आमन्त्रित किया जा रहा है ।

    हमें ईमेल से संपर्क करें pandey.aaanand@gmail.com पर अपना नाम व पूरा परिचय)

    धन्‍यवाद

  9. मै आप सब का तहे दिल से धन्यवाद् करती हु की आप सबने मेरी मेहनत को सफल बनाने की कोशिश की जिससे मै और आगे जा सकू आप सब का सहयोग ही मुझे आगे बड़ने मै सीडी का काम करेगा और मुझे विश्वास है की अब आप मेरा हाथ हमेशा थामे रहेंगे धन्यवाद!
    मीनाक्षी पन्त

  10. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

  11. sr aaj ka yuwa aur baragad ka ped , ek salona sapana aur nadi ka udgam sthal bahut hi achchha laga
    arganik bhagyoday blogspot.com

  12. मन की पीड़ा बहुत बेहतर ढंग से बयान की है आपने

  13. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

  14. Anonymous says:

    Los animales se adaptan mediante la evolucidn en,

 
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