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क्या है ये प्यार-व्यवहार-दुराचार या फिर "सहमति सेक्स"?

5 comments
                         मेरा पिछ्ला ही लेख सरकार द्वारा १२ साल तक के बालिकावो  और बालको को सहमति सेक्स देने सम्बन्धी विचाराधीन बिल पर आक्रोस के रूप में था.. जब इस लेख पर लोग प्रतिक्रिया कर रहे थे तभी मेरी आँखों के सामने और मेरे बहुत करीब एक ऐसी घटना घट गयी जिससे लगा.. जैसे कोई यह घटना करके मुझे सिर्फ यह भान दिलाना चाह रहा था कि इस बिल के पारित हो जाने के बाद इसका असर क्या होगा देख लो.. मेरा बचपन का मित्र है अपने सगे भाइ जैसा सुबह-सुबह मुझे उसका फ़ोन आया और वो यह घटना बताने लगा तो मुझे लगा की क्या ये मेरे ही लेख पर कोई प्रतिक्रिया है ? घटना मध्य प्रदेश में बैतूल जीले के एक छोटे से ग्राम मांडवा की है  मेरे दोस्त की भतीजी (बड़े भाई की बेटी) है उम्र १५ साल क्लास ९ वी में पढ़ती है.. उस ०२.०२.२०११ को २ लडको ने अपने साथ कार में बैठकर सुनसान इलाके में ले गए और उसके  साथ दुष्कृत्य किया..  बेहोस हो जाने पर उसे लाकर नगर के बस स्टैंड के पीछे यूं ही लावारिस छोड़ दिया... बेसुध अवस्था में लोगो ने उसे हास्पिटल में भर्ती करवाया.. 
                         पीडिता के अनुसार आरोपी युवक "कृषि उपज" खरीदने का व्यवसाय करता है इसी बहाने घर वालो के सामने और ना रहने पर भी उसके घर आते जाते रहता था.. उसने अपने ऐश्वर्य और प्रभाव से लड़की को अपने प्रेम जाल में फसा लिया.. और उसे विवाह के बाद के रंगीन सपने दिखाए.. घटना के दिन उसने लड़की को मिलने के लिए जिला केंद्र बैतूल बुलाया.. पीडिता अपनी सहेली के साथ अपने गाव से बस के द्वारा जिला केंद्र गयी..  पीडिता की सहेली वहा से स्कूल चली गयी.. वही से अपराधी ने अपनी वेंन में पीडिता को बैठा लिया और थोड़ी दूर से अपने एक साथी को भी बिठा लिया... नगर के बाहर लगभग २० किमी दूर "ताप्ति घाट" ले गए वन क्षेत्र में ले जाकर उसके साथ दुष्कृत्य किया... जब पीडिता बदहवास हो गयी तो उसे वापस नगर में ले आये और उसे बस स्टेंड के पीछे सुनसान में छोड़ आये... पीडिता ने होश में आने पर अपने सरीर पर लगे ब्लीडिंग के धब्बे सार्वजनिक सौचालय में धोये... उसे चक्कर आने लगे तो आसपास के लोगो को इस बात का भान हुवा.. तब पोलिस की मदद से उसे हास्पिटल में भर्ती किया गया.. रातभर उपचार के बाद सुबह पीडिता को होश आया और आगे की कार्यवाही सुरु की जा सकी..दुसरे दिन उसे होश और पोलिस का काम सुरु हो इसके पहले ही अपराधी के सारे चाहने वाले और परिवार वाले आ गए पीडिता और पोलिस पर अपनी राजनैतिक पकड़ की धौंस जमाने.. इसका असर देख लीजिये पोलिस जहा रात में पीडिता की हमदर्द थी उसके सुबह होते होते सुर बदल गए.... अपराधी को बचाने के लिए उसके मातहत हास्पिटल के आसपास उनकी ऐसे भीड़ लगी हुई थी मानो उनके लाडले ने कोई मेडल जीत लिया हो.. बार-बार पीडिता के परिवार को समझौते के लिए दबाव बना रहे थे, मान मनौव्वल कर रहे थे:- हो गया बेचारे लड़के से, अब उसकी जिंदगी बर्बाद हो जायेगी.. उसे इस बार जाने दो, उसे हम घर में ही सजा दे देंगे, उसे यहा से कही और भेज देंगे वगैरह वगैरह... इतने दबाव के बावजूद पोलिस को रिपोर्ट लिखनी पड़ी क्योंकि ओ भी क्या कर सकती थी जब सबूत सामने था आखिर रिपोर्ट लिखाई गयी और पीड़ित बालिका का जो बयान आया प्रथम द्रष्टया तो ऐसा लगा मानो यह "किशोर सहमति सेक्स" का मामला हो.. ओ तो सुकर है की कम उम्र के लिए अभी सहमति सेक्स का बिल विचाराधीन है.. वरना अगर ये पास हो गया होता तो अपराधी साफ़ बच जाता..  
                       उक्त घटना को हम क्या कहेंगे? यदि अपराधी की नजर से देखा जाए तो यह तो सहमति सेक्स ही कहलायेगा.. लेकीन मानवीय नजर से देखे तो क्या इस तरह एक नाबालिक किशोरी को बहकाकर उसके साथ अमानवीय कृत्य किया जाना उचित है? प्यार में तो साथी का एक आंसू भी देख नहीं सकते पर यहाँ पीडिता के साथ दुष्कृत्य किया गया और फिर उसे उसी हालत में सुनसान स्थान पर छोड़ दिया गया अपनी आगे की जिंदगी इसी अँधेरे में जीने के लिए क्या यही प्यार है? हमारे देश में "सहमती से सेक्स" जो बाद में धोके में बदल जाता है को प्यार की श्रेणी में रखा जाता है, और उसके द्वारा लगे जख्मो की गहराई नापे बगैर ही अपराधी को सहानुभूति मिल जाती है.. हमारे देश में इस तरह की घिनौनी घटनाओ का ग्राफ इतना अधिक बढ़ता जा रहा है कि अब सायद हमें इनके खात्मे के लिए नए सीरे से सोचना ही होगा.. पर इसके लिए इस अपराध को कानूनी मान्यता तो कम से कम ना ही दे.. इसके अलावा भी बहुत से रास्ते हो सकते है..

5 Responses so far.

  1. अरे जो यह कानून बनवाना चाहते हे ना, यह अपनी नाजायज ओलद को बचाने के लिये ही कानून बनाना चाहते हे,ऎसे लडको को चोराहे पर ही पकड के खुब मारना चाहिये, ओर तब तक मारो जब तो उस के हाथ पेर नही टुट जाते, फ़िर उसे वही फ़ेंक देना चाहिये जहां वो उस लडकी को फ़ेक आया था

  2. aise vahsi yuvaon ko achchha sabak sikhaana chahiye

  3. ZEAL says:

    ये अंग्रेजी स्टाइल सहमती सेक्स , भारत में नहीं चलेगा। आतंकवाद से भी ज्यादा खतरनाक होगा।

 
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