‘‘सच्चाई-निर्भिकता, प्रेम-विनम्रता, विरोध-दबंगता, खुशी-दिल
से और विचार-स्वतंत्र अभिव्यक्त होने पर ही प्रभावी होते है’’
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रंगों की मस्ती

19 comments


हर तरफ ये कैसी मस्ती छाई है |
सबके चेहरे में प्यारी सी रंगत आई है |
सारी सृष्टि  रंगीन होती नज़र आई  है |
अरे  ये सब तो होली ही लेकर आई है |

मन तो मेरा भी इस कदर बेताब है |
कुछ को रंगने , कुछ से रंगने को बेकरार  है |
न जाने अब कितना और इंतजार है |
लगता है मेरी तरह हर दिल बेकरार है |
चलो अब टोली में हम भी रम जाएँ |
थोडा इसे और थोडा उसे भी रंग आयें |
न जाने फिर ये पल लौट  के कब आयें |
अपने अरमान आज ही पूरा कर आयें |

क्यु न कृष्ण की राधा हम ही  बन जाएँ |
राधा बन - बन के कृष्ण को हम तडपायें |
वो तो हर बार नए - नए रूप से रिझाता है |
आज हम भी उसी रूप में क्यु न ढल जाएँ |

बच्चों के जैसे आज हम क्यु न हो जाएँ |
सबकुछ भुला के उस में ही हम क्यु न खो जाएँ |
सारी दुनिया से कुछ पल को बेखबर हम हो जाएँ |
रंगों की प्यारी सी दुनियां में इस कदर हम खो जाएँ |

सबसे प्यार से मिले , सबको प्यार ही हम दें |
बच्चो को प्यार , बड़ों का आशीर्वाद भी लें |
इन  रंगों को अपनी यादों में एसे बसा हम लें |
इन्हीं रंगों से अपना जीवन भी रंगीन बना लें |

आप सभी को होली की बहुत - बहुत शुभकामनायें |

19 Responses so far.

  1. होली की हार्दिक शुभकामनायें !

  2. बहुत ही मनोहारी रचना..
    आपको और आपके पूरे परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

  3. बहुत सुंदर रचना ... मिनाक्षीजी
    रंग पर्व की मंगलकामनाएं आपको भी

  4. This comment has been removed by the author.
  5. shukriya dosto aap sabko bhi holi ki shubhkamnayen

  6. होली की शुभकामनायें .....हैप्पी होली

  7. होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ|

  8. बहुत सुंदर कविता. आभार . रंग-पर्व होली की आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं .कविता के साथ लगी तस्वीर भी भावनाओं के अनुरूप है. संयोगवश मैंने भी आज अपनी रचना में गूगल से साभार लेकर यही फोटो लगाया है.

  9. होली पर एक अच्छी रचना ।
    मिनाक्षीजी
    रंग पर्व की मंगलकामनाएं आपको भी

  10. Babli says:

    बहुत सुंदर रचना! उम्दा प्रस्तुती!
    आपको एवं आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनायें!

  11. Anonymous says:

    This is cool! And so interested! Are u have more posts like this? Please tell me, thanks

  12. Anonymous says:

    Hubris industrial ha destruido la mitica,

 
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